प्यारे दोस्तो ओशो की महेफिलमे आपका स्वागत। बहोत जल्द ही मै आप के साथ बहोत सारे अनुभव एवम् प्यार के साथ हाजीर हो रहा हू। तब तक आप प्राणप्रिय ओशो की उर्जा को महसूस किजीए!
दोस्तो खुद के बारे मे क्या बताऊ? जिंदगी मे भटकाव तो बहोत आए। खुद को खोजने की अभिप्सामे कहा कहा नही फिरा! लेकीन ओशो मिलते ही सब भटकाव थम से गए। उन्ही के आशिष से जिंदगी हा लुफ्त उठा रहा हू। हा...उनसे जो मिला उसे पुरी दुनिया मे बांटनेकी धुन अब दिल पर सवार है। यह ब्लॉग भी उसी प्रयास का एक हिस्सा है!
No comments:
Post a Comment