प्यारे दोस्तो,
ओशो की देशना मुख्यत: ध्यान के उपर आधारित है। नियमित ध्यान करने से ही हमे खुद की पहचान हो सकती है। उन्होने अपले विशाल प्रवचनोंके माध्यमसे साधको के लिए जैसे मुक्ती के द्वार खोल दिए है। उनके हजारो प्रवचन आज समस्त मानव जाती के लिए ‘पथ के प्रदीप’ बने हुए है। ओशो के सभी हिंदी प्रवचनोंका संग्रह कर के मैने साधको को इसे मुफ्त मे उपलब्ध करवाया है। इस बाबत आप मुझे ई-मेल अथवा 09422181997 इस नंबर पर कॉल कर सकते है। कृपया यह संदेश आप अन्य ओशो प्रेमियोंतक पहुचाए।
आपका,
राजेश मिहानी,
नांदुरा, जिला बुलडाणा, (महाराष्ट्र)
Thursday, November 5, 2009
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aapke osho prem ka abhinandan.
ReplyDeletekripya ye bahumulya nidhi tak pahunchne ka tarika bhi batayen...
ReplyDeletesimply.shobhit@gmail.com
हुज़ूर आपका भी एहतिराम करता चलूं.......
ReplyDeleteइधर से गुज़रा था] सोचा सलाम करता चलूं
http://www.samwaadghar.blogspot.com/
Web-Stat का दावा-
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हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और शुभकामनायें
ReplyDeleteकृपया दूसरे ब्लॉगों को भी पढें और उनका उत्साहवर्धन
करें
चिट्ठा जगत में आपका हार्दिक स्वागत है.
ReplyDeleteमेरी शुभकामनाएं.
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महिलाओं के प्रति हो रही घरेलू हिंसा के खिलाफ [उल्टा तीर] आइये, इस कुरुती का समाधान निकालें!